डूटा चुनाव में वामपंथी शिक्षक संगठन की बड़ी जीत, अध्यक्ष पद पर फिर जमाया क़ब्ज़ा

छात्र संघ चुनाव से ठीक पहले हुए दिल्ली यूनिवर्सिटी शिक्षक संघ के चुनाव में वामपंथी शिक्षक संगठन डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट को बड़ी सफलता मिली है।डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट के उम्मीदवार राजीव रे अध्यक्ष पद के लिए चुने गए हैं। कल आधी रात बाद आये चुनाव नतीजों के अनुसार किरोड़ी मल कॉलेज में दर्शनशास्त्र के प्राध्यापक रे ने भाजपा समर्थक नेशनल डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट के वी एस नेगी को 261 मतों से हराया है।

राजीव रे को 2636 मत मिले जबकि श्री नेगी को 2575 मत मिले। इस चुनाव में लगातार तीसरी बार वामपंथी उम्मीदवार अध्यक्ष चुना गया है। इससे पहले वामपंथी उम्मीदवार नंदिता नारायण लगातार दो बार से अध्यक्ष थीं। पिछले चुनाव में उन्होंने श्री नेगी को हराया था।

विश्वविद्यालय के चुनाव अधिकारी प्रोफेसर उज्ज्वल कुमार सिंह के अनुसार चुनाव में कुल 7386 मत पड़े जबकि कुल मत 9682 थे। 377 मत अवैध रहे।

राजीव रे ने मीडिया से कहा कि इस चुनाव में प्रगतिशील लोकतांत्रिक ताकतों की जीत तो हुई है और उन ताकतों की हार हुई है जो विश्वविद्यालय में आतंक और हिंसा का माहौल बना कर अभिव्यक्ति की आज़ादी तथा विचार विमर्श की परंपरा को ख़त्म करना चाहते हैं।

राजीव रे ने आरोप लगाते हुए कहा कि इन ताकतों को सत्ता का संरक्षण प्राप्त है। उन्होंने कहा कि उनकी लड़ाई शिक्षा के निजीकरण तथा केन्द्र द्वारा अनुदान में कमी के खिलाफ रहेगी और पांच सितंबर को शिक्षक दिवस पर जेल भरो अभियान जारी रहेगा। डूटा की 15 सदस्यीय कार्यकारिणी में एनडीटीएफ को 4 तथा एएडी को भी 4 सीटें मिली हैं जबकि डीटीएफ को 3 सीटें मिली हैं।

इंटेक को दो, यूटीएफ (यूनाइटेड टीचर्स फ्रंट) को एक और समाजवादी शिक्षक फ्रंट को एक सीट मिली हैं । इस चुनाव में कुल 19 उम्मीदवार मैदान में थे। चुने गए सदस्यों में सुनील शर्मा, मिठुराज धुसिया, आलोक रंजन पाण्डेय, अनिल शर्मा, सुधांशु कुमार, विश्वजीत मोहंती , पूजा वशिष्ठ , नजमा रहमानी, अशोक कुमार यादव, विश्वराज शर्मा, रूबी मिश्र, रविकांत , विवेक चौधरी , प्रेमचंद तथा सुरेन्द्र कुमार शामिल हैं।

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